अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के शताब्दी समारोह में 1160 विद्यार्थियों को बांटी उपाधियां

अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के शताब्दी समारोह में 1160 विद्यार्थियों को बांटी उपाधियां

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उत्तराखण्ड
20 जनवरी 2025
अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के शताब्दी समारोह में 1160 विद्यार्थियों को बांटी उपाधियां
हरिद्वार। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के शताब्दी समारोह के तहत दूसरे दिन देव संस्कृति विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया. समारोह में जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और डिग्रियां प्रदान की. दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय की पिछले तीन सत्रों के 1160 विद्यार्थियों को उपाधियां बांटी गई. इनमें गोल्ड मेडल और डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थी शामिल रहे.

आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि ने कहा कि दीक्षांत समारोह में वो मुख्य अतिथि थे, उनके द्वारा विद्यार्थियों ने गोल्ड मेडल और डिग्रियां दी गई. कहा कि शांतिकुंज रचनात्मक कार्यों में संलग्न है. समानता की दिशा में एक बड़ा आंदोलन है. गायत्री परिवार ने कहा है कि नर नारी एक समान हैं, क्योंकि सभी ईश्वर की संतान हैं. गायत्री परिवार के द्वारा एक रचनात्मक आंदोलन हुआ है पूरे संसार में एकता की बात कही है और भारतीय संस्कृति का विशिष्टया है. इस प्रकार के बड़े विचार गायत्री परिवार ने पूरे विश्व को दिए हैं.

गायत्री परिवार के डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि पिछले तीन सत्रों के जिन विद्यार्थियों ने यहां से गोल्ड मेडल को प्राप्त किया ये उनकी उपलब्धि है. महत्वपूर्ण विषय यह है कि देव संस्कृति विश्वविद्यालय गुरुदेव की चिंतन पर आधारित रहा, जहां शिक्षा के अलावा विद्या का दान किया जाता है. साक्षरता तो शिक्षा से आती है पर सार्थकता का आधार विद्या है. पूज्य गुरुदेव के चिंतन, कुलाधिपति के चिंतन को लेकर के आज विद्यार्थी समाज में राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण के भाव को लेकर यहां से विदा हुए हैं. जिसमें दिव्यता भव्यता आध्यात्मिकता को पाते हैं. कार्यक्रम में स्वामी अवधेशानंद जी महाराज ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की और दो यूके के प्रतिष्ठित व्यक्ति भी पहुंचे हैं. उन्होंने इस पल को गौरवशाली बताया.

कार्यक्रम में 1160 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई है, जिसमें गोल्ड मेडल लेने वाले और उपाधियां लेने वाले विद्यार्थी सम्मिलित हैं. यूके के लार्ड मेल्ड्सन ने कहा कि देव संस्कृति विश्वविद्यालय भारत ही नहीं विश्व के महान संस्थानों में से एक हैं. इस विश्वविद्यालय के सबसे बड़ी बात यह हैं कि यह संस्थान शिक्षा के उच्चतम स्तर को मानवीय मूल्यों के साथ जोड़ता है और युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करता है. उन्होंने कहा कि यहूदी होने के नाते वे कहना चाहते हैं कि यहां होना उनके लिए विशेष अनुभव है. उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जिसने हमेशा यहूदियों का स्वागत किया है और भारत में पूरी स्वतंत्रता के साथ जीने की आजादी दी है. इस समारोह मे शामिल होना उनके लिए सम्मान की बात है

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