उत्तराखण्ड
13 जुलाई 2026
उधम सिंह नगर पुलिस का वांटेड बदमाश जितेंद्र चौधरी गैंग के साथ मुठभेड
रूद्रपुर। उधम सिंह नगर जिले में सोमवार सुबह पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में पुलिस ने एक वांटेड अपराधी को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया. उसके दो साथियों को भी मौके से दबोच लिया गया. घायल बदमाश की पहचान जितेंद्र चौधरी पुत्र रामचंद्र, निवासी डिबडिबा के रूप में हुई है. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है.
पुलिस के अनुसार जितेंद्र चौधरी जिले में हुई कई सनसनीखेज फायरिंग की घटनाओं में वांटेड चल रहा था. वह 21 जून को गाबा चौक पर हुई फायरिंग का नामजद आरोपी था. इसके अलावा 30 जून की रात ट्राला पर हुई फायरिंग की घटना में भी उसकी तलाश की जा रही थी. इस घटना में पीलीभीत निवासी शाइस्ता नाम की महिला गोली लगने से घायल हुई थी. इन मामलों के बाद से पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी.
पुलिस को सोमवार सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि जितेंद्र चौधरी अपने दो साथियों सुमित राठौर और चंदन के साथ जिले में किसी नई आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है. सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देशन में पुलिस टीम ने रुद्रपुर में तत्काल इलाके की घेराबंदी कर संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी.
जैसे ही पुलिस ने तीनों आरोपियों को रोकने का प्रयास किया, वे मौके से भागकर एक खेत में स्थित आम के बगीचे में पहुंच गए. पुलिस के अनुसार वहां से आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें जितेंद्र चौधरी के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अस्पताल भेज दिया. वहीं उसके दोनों साथी सुमित राठौर, निवासी ट्रांजिट कैंप, और चंदन, निवासी डिबडिबा को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जितेंद्र चौधरी के खिलाफ कुल 10 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. इनमें सात मामले उत्तर प्रदेश और तीन मामले उत्तराखंड में दर्ज हैं. वह लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था और कई मामलों में वांटेड घोषित किया गया था. मुठभेड़ की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची. टीम ने मौके से कारतूस, हथियार और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है. पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके अन्य साथियों तथा संभावित आपराधिक नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है.
