उत्तराखण्ड
9 अगस्त 2026
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कांवरियों पर की पुष्पवर्षा
मेरठ। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर सीएम योगी आदित्यनाथ की पुष्पवर्षा के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। शनिवार को सीएम के हाथों आसमान से बरसते फूल और नीचे भगवा रंग में रंगे हजारों कांवड़िए सियासी समीकरणों की नई तासीर बनाते नजर आए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिवादन करते हुए करीब 20 मिनट तक हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कांवड़ मार्ग पर मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने आस्था के साथ सियासी संदेश को एक साथ जोड़ दिया है।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में चुनाव या राजनीति का जिक्र तक नहीं किया। उन्होंने कांवड़ यात्रा को आस्था, श्रद्धा और उमंग का महापर्व बताते हुए सामाजिक समरसता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री का सीधे कांवड़ियों के बीच पहुंचना पश्चिमी यूपी की सियासत में महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
पश्चिमी यूपी में कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले लाखों शिवभक्त मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत समेत आसपास के क्षेत्रों से गुजर रहे हैं। गांव से शहर तक यात्रा का व्यापक सामाजिक प्रभाव है।
ऐसे कांवड़ यात्रा सरकार के धार्मिक-सांस्कृतिक सरोकारों को सीधे लोगों तक पहुंचाने का माध्यम भी बनती रही। हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, कांवड़ियों का अभिवादन और आस्था के साथ सामाजिक समरसता की सीएम की बातों पर खूब तालियां बजती रहीं। जयकारे गूंजते रहे।
कांवड़ यात्रा को सामाजिक समरसता की प्तीक बताते हुए मुख्यमंत्री ने जाति और क्षेत्र के भेद से ऊपर बताया। उनका कहना था कि सामाजिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पश्चिमी यूपी में कांवड़ यात्रा में अलग-अलग सामाजिक समूहों में एक समान धार्मिक पहचान बन गई है।
मुख्यमंत्री का समरसता पर जोर धार्मिक आयोजन को सामाजिक एकता से जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। यानी फूलों की बारिश भले ही शिवभक्तों के स्वागत के लिए हुई, लेकिन इसके साथ सरकार की धार्मिक-सांस्कृतिक प्राथमिकताओं, प्रशासनिक सक्रियता और पश्चिमी यूपी में राजनीतिक पहुंच का संदेश भी साफ तौर पर दिखाई दिया।
