बड़ी खबर - प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर सुरक्षात्मक और निर्माण कार्य के चलते श्रद्धालुओं के लिए बन्द

बड़ी खबर – प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर सुरक्षात्मक और निर्माण कार्य के चलते श्रद्धालुओं के लिए बन्द

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उत्तराखण्ड
5 फरवरी 2026
बड़ी खबर – प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर सुरक्षात्मक और निर्माण कार्य के चलते श्रद्धालुओं के लिए बन्द
रामनगर। प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर में इस समय सुरक्षात्मक और निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मंदिर परिसर में प्रवेश को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया है. इस संबंध में जानकारी देते हुए रामनगर के उप जिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि रामनगर सिंचाई खंड द्वारा गर्जिया देवी मंदिर के टीले पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है.

उप जिलाधिकारी ने बताया मंदिर के नीचे स्थित चबूतरा काफी जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है. जिससे किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी. इसी कारण वर्तमान में वहां मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य जारी है. उन्होंने कहा यदि निर्माण कार्य के दौरान श्रद्धालु मंदिर परिसर में प्रवेश करते हैं, तो उनके साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी हो सकती है. इस संभावित खतरे को देखते हुए सिंचाई विभाग के अभियंता ने प्रशासन से वार्ता की. जिसके बाद लिखित रूप से भी आग्रह किया गया कि निर्माण कार्य पूर्ण होने तक श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में जाने से रोका जाए.

प्रमोद कुमार ने बताया इस संबंध में मंदिर समिति और मंदिर के पुजारियों को दूरभाष के माध्यम से सूचित कर दिया गया है. साथ ही प्रशासन ने लिखित आदेश भी जारी कर दिये हैं. उन्होंने कहा सुरक्षा की दृष्टि से कल से गर्जिया देवी मंदिर को 13 फरवरी तक पूर्ण रूप से बंद रखा जाएगा. इसके बाद निर्माण कार्य की प्रगति और मंदिर परिसर की सुरक्षा स्थिति का आकलन किया जाएगा. यदि उस समय तक कार्य पूरा होकर परिसर सुरक्षित पाया जाता है, तो श्रद्धालुओं के लिए मंदिर को पुनः खोल दिया जाएगा. अन्यथा प्रतिबंध की अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है.

उप जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन और मंदिर समिति का सहयोग करें. अपनी सुरक्षा को सर्वाेपरि मानते हुए दिए गए निर्देशों का पालन करें. उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा रही है. मंदिर पुजारियों के माध्यम से यह व्यवस्था की जा रही है कि मंदिर के डोले को नीचे पुल पार पैतृक मंदिर में स्थापित किया जाएगा. वहां एक पत्रक रखा जाएगा. जिससे श्रद्धालु टीले पर चढ़े बिना ही नीचे से दर्शन कर सकें.

प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मंदिर परिसर को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से लिया गया है. जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके

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