उत्तराखण्ड
19 फरवरी 2026
भारतीय रिजर्व बैंक ने लगाई अर्बन को ऑपरेटिव बैंक पर 6 महीने के लिए सभी वित्तीय लेनदेन पर रोक
देहरादून। भारतीय रिजर्व बैंक ने अर्बन को ऑपरेटिव बैंक पर 6 महीने के लिए सभी वित्तीय लेनदेन पर रोक लगा दी है. इससे बैंक में लगभग 9 हजार खाता धारकों के करोड़ों रुपए फंस गए हैं. जिसके बाद खाता धारकों को अपनी मेहनत की कमाई की चिंता सताने लग गई है. वहीं, बैंक की ओर से इस मामले को लेकर प्रतिक्रयी भी सामने आई है.
बुधवार को देहरादून अर्बन कोऑपरेटिव बैंक पहुंचे खाता धारकों ने कहा कि, उन्होंने अपने जीवन भर की पूंजी को उन्होंने एफडीआई के रूप में बैंक में जमा कराए थे. कई लोगों ने करंट अकाउंट और सेविंग खाते भी खोले थे. फिलहाल 10 फरवरी को आरबीआई ने किसी भी प्रकार के खाते, चालू आवर्ती या सावधी जमा से रकम निकालने की रोक लगा दी है. इससे व्यापारी वर्ग का सारा कार्य बाधित हो गया है. व्यापारी किसी भी देनदारों को राशि का भुगतान नहीं कर पा रहे है. बैंक में प्रतिबंध लगने से उनके सामने रोजी-रोटी की समस्या भी उत्पन्न हो गई है.
बैंक अकाउंट होल्डर रजत अग्रवाल ने मुख्यमंत्री और सहकारिता मंत्री से आग्रह किया है कि देहरादून अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के एनपीए अकाउंट्स की जांच करते हुए पैसा वसूली की कार्रवाई शुरू की जाए. बैंक की तरफ से जो ऋण स्वीकृत गए, उनकी भी गहनता से जांच की जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ रसूखदारों ने बैंक से बिना गारंटी के ऋण प्राप्त किया है. उनसे भी वसूली की कार्रवाई की जाए.
बैंक की प्रतिक्रिया- वहीं, इस मामले को लेकर बैंक की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आई है. देहरादून अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष मयंक ममगाईं का कहना है कि ये मामला साल 2013 और साल 2014 की कुछ अनियमिताओं से जुड़ा हुआ है. फिलहाल आरबीआई की तरफ से जो रोक लगाई गई है वो अस्थायी है, किसी भी उपभोक्ता को परेशान होने की जरूरत नहीं है. बैंक को जैसे ही नई गाइडलाइन मिलेगी बैंक की ओर से लेनदेन शुरू कर दिया जाएगा.
मामले में बैंकिंग विशेषज्ञ अश्वनी राणा ने कहा अर्बन कोऑपरेटिव बैंक का स्ट्रक्चर प्रदेश की राजनीति में इनवॉल्व रहता है. कोऑपरेटिव बैंक के बोर्ड, इलेक्शन, मेंबर का सेल्फ इंटरेस्ट भी कभी कभी ऐसे बैंकों की वर्किंग को प्रभावित करता है. उन्होंने कहा देहरादून अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की दो ही ब्रांच हैं. जिसमें 9 हजार के करीब खाताधारक हैं. उन्होंने कहा फिलहाल खातधारक फिलहाल ऑपरेट नहीं कर पाये. उन्होंने कहा आरबीआई ने वित्तीय लेनदेन पर अभी 6 महीने तक की रोक लगाई है. उन्होंने कहा अगर किसी हालत में बैंक बंद होता है तो ग्राहकों को पांच लाख तक के इंश्योरेंस का लाभ मिलता है.
