जिले में 156 किशोरियों को निःशुल्क सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन लगी

जिले में 156 किशोरियों को निःशुल्क सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन लगी

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उत्तराखण्ड
20 मार्च 2026
जिले में 156 किशोरियों को निःशुल्क सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन लगी
रूद्रपुर। 28 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशभर की किशोरियों के स्वास्थ्य को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन की शुरुआत एक ऐतिहासिक पहल के रूप में की गई। इस दूरदर्शी निर्णय को आगे बढ़ाते हुए पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का काम शुरू किया।

मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में जनपद ऊधम सिंह नगर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा तेज़ी से अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य केवल टीकाकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि किशोरियों और उनके अभिभावकों को जागरूक करना भी है, ताकि वे इस गंभीर बीमारी से समय रहते सुरक्षित रह सकें। अभी तक जनपद में 156 किशोरियों को निःशुल्क सफलतापूर्वक वैक्सीन लगाई जा चुकी है, जो इस अभियान की सकारात्मक शुरुआत को दर्शाता है। यह विशेष अभियान 31 मई 2026 तक निरंतर चलाया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक किशोरियों को इसका लाभ मिल सके।

इस पूरी प्रक्रिया में स्वास्थ्य विभाग की टीम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा वर्कर्स सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। जागरूकता शिविरों के माध्यम से समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास भी लगातार किया जा रहा है। कई स्थानों पर लोगों के मन में इस वैक्सीन को लेकर जो शंकाएं थीं, उन्हें विशेषज्ञों द्वारा वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर स्पष्ट किया गया है।

जवाहर लाल नेहरू जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश कुमार एवं एएनएम दीपा जोशी ने स्पष्ट किया है कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए यह टीका एक महत्वपूर्ण कवच के रूप में कार्य करता है और इसका कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं है। विशेषज्ञों की इस पहल ने लोगों में भरोसा बढ़ाने का काम किया है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन किशोरियों को यह वैक्सीन लगाई गई है, उन्होंने भी अपने अनुभव साझा करते हुए इसे सहज और सुरक्षित बताया। उनके सकारात्मक अनुभव अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं और इससे टीकाकरण के प्रति विश्वास और भी मजबूत हो रहा है।

धामी सरकार की यह पहल केवल एक स्वास्थ्य अभियान नहीं, बल्कि “नारी सशक्तिकरण और सुरक्षित भविष्य” की दिशा में एक ठोस कदम है। यह दर्शाता है कि सरकार केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें प्रभावी तरीके से धरातल पर उतारकर आमजन तक लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उत्तराखंड में इस तरह की जनकल्याणकारी योजनाएं यह साबित करती हैं कि राज्य सरकार स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्त समाज के निर्माण के लिए पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

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