उत्तराखण्ड
27 अगस्त 2026
प्रदेश में 810 नये बूथ बढ़े, बदल सकता है पार्टियों का चुनावी गणित
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की वोटरों की तस्वीर में एक बड़ा बदलाव आया है. प्रदेश में चल रहे एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में मौजूद 11,733 बूथों में 810 नए बूथों को शामिल किया है, जिसने राजनीतिक दलों की रणनीतियां बदल दी हैं. ऐसे में राजनीतिक दल नए बूथों पर संगठन को मजबूत करने में लगे हुए हैं.
दरअसल, राजनीतिक पार्टियां बूथ जीता तो चुनाव जीता फॉर्मूले पर काम करती हैं. लंबे समय से कांग्रेस और बीजेपी उत्तराखंड में अपने बूथों को मजबूत करने में लगी हुई थी, लेकिन उत्तराखंड में एसआईआर शुरू होने के बाद प्रदेश में बूथों की संख्या बढ़ गई है. ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस को भी अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ेगा.
चुनाव आयोग से मिली जानकारी के अनुसार एसआईआर शुरू होने से पहले उत्तराखंड में कुल 11,733 बूथ थे. वहीं एसआईआर के दौरान बूथों की संख्या बढ़कर 12,543 हो गई है. यानी प्रदेश में 810 नए बूथ बनाए जाने हैं. यही बूथ बीजेपी और कांग्रेस के लिए फिलहाल चुनौती बने हुए हैं, क्योंकि नए बूथों पर न सिर्फ दोनों प्रमुख पार्टियों को नए सिरे से संगठनात्मक ढांचा खड़ा करना होगा, बल्कि नए बूथ पर वोटरों के हिसाब से जो नए समीकरण बने हैं, उस पर भी रणनीति तैयार करनी है.
उत्तराखंड में जिलावार बूथों की स्थिति-
उत्तरकाशी जिले में पहले बूथों की संख्या 544 थी जो अब बढ़कर 558 हो गई है.
चमोली जिले में पहले बूथों की संख्या 592 थी जो अब बढ़कर 633 हो गई है.
रुद्रप्रयाग जिले में पहले बूथों की संख्या 362 थी जो अब बढ़कर 364 हो गई है
टिहरी जिले में पहले बूथों की संख्या 963 थी जो अब बढ़कर 994 हो गई है.
देहरादून जिले में पहले बूथों की संख्या 1882 थी जो अब बढ़कर 2045 हो गई है.
हरिद्वार जिले में पहले बूथों की संख्या 1715 थी जो अब बढ़कर 1872 हो गई है.
पौड़ी जिले में पहले बूथों की संख्या 945 थी जो अब बढ़कर 1008 हो गई है.
पिथौरागढ़ जिले में पहले बूथों की संख्या 611 थी जो अब बढ़कर 651 हो गई है.
बागेश्वर जिले में पहले बूथों की संख्या 381 थी जो अब बढ़कर 405 हो गई है.
अल्मोड़ा जिले में पहले बूथों की संख्या 920 थी जो अब बढ़कर 949 हो गई है.
चंपावत जिले में पहले बूथों की संख्या 344 थी जो अब बढ़कर 354 हो गई है.
नैनीताल जिले में पहले बूथों की संख्या 1010 थी जो अब बढ़कर 1068 हो गई है.
उधमसिंह नगर जिले में पहले बूथों की संख्या 1464 थी जो अब बढ़कर 1642 हो गई है.
मतदाता घटे, बूथों की संख्यारू चुनाव आयोग के अनुसार एसआईआर से पहले प्रदेश में मतदाताओं की कुल संख्या 79,60,762 थी, लेकिन 14 जुलाई को जारी अनंतिम मतदाता ड्राफ्ट में मतदाताओं की संख्या घटकर 71,33,785 हो गई है. यानी 8,26,977 मतदाताओं के नाम डिलीट कर दिए गए. जिसके पीछे की वजह मतदाता की मृत्यु, स्थायी रूप से शिफ्ट होना, दो जगह पर नाम का होना और मतदाता का एब्सेंट होना शामिल है.
बावजूद इसके बूथों की संख्या बढ़ने की वजह ये है कि जिन भी बूथों पर मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक थी, या फिर चुनाव के दौरान सब बूथ बनाए जाते थे, उसको देखते हुए निर्वाचन आयोग ने नए बूथों का गठन किया. वहीं वोटरों की बात की जाए तो एसआईआर के बाद 14 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी, तब वोटरों की संख्या बढ़ या घट भी सकती है. राजनीतिक दलों की यहीं सबसे बड़ी परीक्षा है
