उत्तराखण्ड
7 सितम्बर 2026
सहकारी बैंकों के अध्यक्ष पद के लिए चुनावी सरगर्मियां तेज
देहरादून। उत्तराखंड में सहकारी बैंकों के अध्यक्ष पद के लिए चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. भारतीय जनता पार्टी ने विभिन्न जिलों के लिए अध्यक्ष पद के समर्थित प्रत्याशियों की भी घोषणा कर दी है. खास बात यह है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होने जा रहे हैं, जो की राजनीतिक रूप से भी बेहद खास हैं.
उत्तराखंड में जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति साफ कर दी है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की सहमति के बाद पार्टी ने पांच जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्ष पद के लिए अपने समर्थित प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है. पार्टी की ओर से जारी सूची में देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, कोटद्वार और टिहरी जिला सहकारी बैंकों के लिए प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं.
भाजपा प्रदेश कार्यालय की ओर से 6 सितंबर को जारी पत्र में इन प्रत्याशियों को पार्टी की ओर से समर्थित प्रत्याशी घोषित किया गया है. पार्टी ने संबंधित जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष पद के लिए इन नामों के समर्थन की घोषणा की है.
सूची के मुताबिक देहरादून जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद के लिए मंजीत रावत को पार्टी ने समर्थन दिया है. चमोली जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद के लिए गजेंद्र सिंह रावत को समर्थित प्रत्याशी बनाया गया है. इसी तरह उत्तरकाशी जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद के लिए शारदा राणा को भाजपा ने अपना समर्थित प्रत्याशी घोषित किया है. कोटद्वार जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद के लिए पंकज रावत को समर्थन दिया गया है. वहीं टिहरी जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद के लिए सुभाष चंद्र स्मोला को भाजपा का समर्थित प्रत्याशी घोषित किया गया है.
भाजपा की इस घोषणा के बाद अब इन पांच जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्ष पद के चुनाव में पार्टी समर्थित प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट हो गई है. सहकारी बैंक चुनावों में अध्यक्ष पद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि बैंक के संचालन और नीतिगत फैसलों में अध्यक्ष की अहम भूमिका होती है. ऐसे में भाजपा द्वारा पहले ही समर्थित प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जाने को चुनावी रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
पार्टी की ओर से जारी पत्र प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार के हस्ताक्षर से जारी किया गया है. इसमें प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की सहमति के बाद प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जाने की बात कही गई है. अब इन प्रत्याशियों के पक्ष में सहकारी क्षेत्र से जुड़े निर्वाचित प्रतिनिधियों का समर्थन जुटाना भाजपा के सामने अगली चुनौती होगी.
सहकारिता के चुनाव को लेकर काफी समय से इंतजार किया जा रहा था. सहकारी बैंकों में भी पिछले कुछ समय में चुनाव के लिए कई नाम चर्चाओं में आए थे लेकिन अब विभिन्न जिलों के लिए पार्टी ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं. भारतीय जनता पार्टी का पूर्व में भी सहकारी बैंकों में चुनाव के बाद दबदबा रहा है. ऐसे में पार्टी की कोशिश है कि फिर से अध्यक्ष पद पर अपने समर्थित प्रत्याशियों को जिताया जाए.
