दुबई में वर्क परमिट दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये की धोखाधड़ी, आरोपी गिरफ्तार

दुबई में वर्क परमिट दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये की धोखाधड़ी, आरोपी गिरफ्तार

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उत्तराखण्ड
1 नवम्बर 2026
दुबई में वर्क परमिट दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये की धोखाधड़ी, आरोपी गिरफ्तार
रुद्रपुर। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों से कथित धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है. आवास विकास स्थित जेड ग्लोबल करियर प्राइवेट लिमिटेड के संचालक अलीम खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी पर दुबई में वर्क परमिट दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है. वहीं, अब आर्मेनिया भेजने के नाम पर भी युवकों से लाखों रुपये लेने और उन्हें विदेश में फंसाने की शिकायत सामने आई है.

पुलिस ने आरोपी के कार्यालय से 61 पासपोर्ट, एक डायरी और .32 बोर का अवैध पिस्टल बरामद की है. एसपी सिटी प्रमोद कुमार के मुताबिक, मामले में मोबाइल चौट और बरामद दस्तावेजों की जांच की जा रही है. विदेश में फंसे युवकों की सुरक्षित वापसी के लिए रक्षा मंत्रालय से भी संपर्क किया जा रहा है.

पुलिस के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को वार्ड नंबर 21 निवासी मुजाहिद पुत्र भूरे खान ने कोतवाली रुद्रपुर में शिकायत दर्ज कराई. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि प्रीत विहार निवासी अलीम खान ने अपने कार्यालय जेड ग्लोबल के माध्यम से उसे दुबई में नौकरी दिलाने और वर्क परमिट पर विदेश भेजने का भरोसा दिया. इसके लिए उसने अपनी मोटरसाइकिल और जेवर बेचकर दो लाख रुपये आरोपी को दिए..

आरोप है कि आरोपी ने उसे वर्क परमिट के बजाय विजिटर वीजा पर दुबई भेज दिया. वीजा को एडिट कर वर्क वीजा जैसा दिखाया. दुबई पहुंचने पर वास्तविकता सामने आने के बाद युवक को परेशानियों का सामना करना पड़ा. उसे जुर्माना भी भरना पड़ा. भारत लौटने पर जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने केवल 30 हजार रुपये लौटाए. शेष एक लाख 70 हजार रुपये देने से इनकार किया. पीड़ित ने जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया है.

आर्मेनिया भेजने के नाम पर लाखों की ठगी – इसी बीच कंपनी संचालक के खिलाफ आर्मेनिया भेजने के नाम पर भी कथित धोखाधड़ी की शिकायत सामने आई है. शिकायतकर्ता मोहम्मद तालिब ने आरोप लगाया कि उनके दो भाइयों और एक भांजे को रोजगार दिलाने के नाम पर कंपनी संचालक ने लाखों रुपये लिए. उनके मुताबिक, प्रति व्यक्ति करीब दो लाख 25 हजार रुपये लेने की बात कही गई. इस पूरे मामले में लगभग तीन लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है.

तालिब का आरोप है कि युवकों को आर्मेनिया भेजने से पहले तीन दिन के भीतर रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया. एक महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद उन्हें काम नहीं मिला. परिवार का कहना है कि विदेश में रहने के दौरान युवकों को मकान मालिक ने भी घर से बाहर निकाल दिया. जिसके बाद उनके खाने-पीने और अन्य जरूरी खर्चों के लिए भारत से पैसे भेजने पड़ रहे हैं.

61 पासपोर्ट और अवैध हथियार बरामद – पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपी अलीम खान पुत्र जमील अहमद, निवासी प्रीत विहार, रुद्रपुर को गिरफ्तार किया. उसके कार्यालय से 61 पासपोर्ट, एक डायरी और .32 बोर का अवैध पिस्टल बरामद हुई है. पुलिस ने मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धारा और इमिग्रेशन एक्ट की धारा की बढ़ोतरी की है.एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची. तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 61 पासपोर्ट और अवैध हथियार बरामद किए गए. आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया. मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. बरामद पासपोर्ट और डायरी के साथ आरोपी के मोबाइल फोन की चौट भी खंगाली जा रही है.

एसपी सिटी के मुताबिक, विदेश में फंसे युवकों की सुरक्षित वतन वापसी के लिए रक्षा मंत्रालय से संपर्क कर बातचीत की जा रही है. जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी

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