कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 के दूसरे जत्थे का पारंपरिक ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और गर्मजोशी के साथ स्वागत

कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 के दूसरे जत्थे का पारंपरिक ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और गर्मजोशी के साथ स्वागत

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उत्तराखण्ड
9 जुलाई 2026
कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 के दूसरे जत्थे का पारंपरिक ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और गर्मजोशी के साथ स्वागत
टनकपुर। आस्था, श्रद्धा और उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का अद्भुत संगम बुधवार को टनकपुर में देखने को मिला, जब कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 के दूसरे जत्थे का पारंपरिक ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया. देश के 11 राज्यों से आए 47 श्रद्धालुओं ने देवभूमि से अपनी पवित्र यात्रा की शुरुआत की. जिला प्रशासन और कुमाऊं मंडल विकास निगम ने उनकी सुखद एवं सुरक्षित यात्रा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं.

पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 के दूसरे जत्थे का बुधवार की शाम को टनकपुर पहुंचने पर पारंपरिक उत्तराखंडी रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया. देश के 11 राज्यों से आए 47 श्रद्धालुओं का जिला प्रशासन और कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के अधिकारियों ने गर्मजोशी से अभिनंदन किया. स्थानीय संस्कृति और आतिथ्य से अभिभूत श्रद्धालुओं के चेहरों पर यात्रा को लेकर उत्साह और श्रद्धा साफ दिखाई दी. कैलाश मानसरोवर यात्रा के दूसरे जत्थे में कुल 47 यात्री शामिल हैं, जिनमें 34 पुरुष और 13 महिलाएं हैं.

यात्रियों के ठहराव, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण, स्वागत एवं यात्रा मार्गदर्शन समेत सभी आवश्यक व्यवस्थाएं केएमवीएन द्वारा की गई हैं. केएमवीएन के अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है. टनकपुर में रात्रि विश्राम के बाद श्रद्धालुओं का जत्था अगले पड़ाव के लिए रवाना होगा. यात्रा मार्ग टनकपुर से पिथौरागढ़ होते हुए मंच, गूंजी और नाभीढांग के रास्ते लिपुलेख दर्रे से होकर पवित्र कैलाश मानसरोवर तक पहुंचेगा. इस जत्थे में राजस्थान से 8, गुजरात से 10, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से 5-5, महाराष्ट्र से 6, मध्य प्रदेश से 4, हरियाणा से 3, आंध्र प्रदेश और उत्तराखंड से 2-2 तथा कर्नाटक और तेलंगाना से 1-1 श्रद्धालु शामिल हैं.

राज्य सरकार द्वारा कैलाश यात्रियों की यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाएं, परिवहन, आवास, पोर्टर सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तैयारी की है. यात्रा के सफल संचालन में केएमवीएन, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन की अहम भूमिका है. स्वागत कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रशासन, केएमवीएन विभाग के अधिकारी, स्थानीय नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे. भव्य स्वागत से कैलाश यात्रियों का दूसरा दल अभिभूत नजर आया. बता दें कि कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के पहले दल को स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था. इस वर्ष कुल 10 जत्थे टनकपुर मार्ग होते हुए मानसरोवर की यात्रा पूर्ण करेंगे

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