महिला आयोग आपके द्वार अभियान के तहत जनसुनवाई के दौरान सुनीं 12 शिकायतें

महिला आयोग आपके द्वार अभियान के तहत जनसुनवाई के दौरान सुनीं 12 शिकायतें

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उत्तराखण्ड
13 मार्च 2026
महिला आयोग आपके द्वार अभियान के तहत जनसुनवाई के दौरान सुनीं 12 शिकायतें
रूद्रपुर। राष्ट्रीय महिला आयोग के अभियान महिला आयोग आपके द्वार के अंतर्गत, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा 09 मार्च से 13 मार्च तक राज्य के विभिन्न जनपदों में महिला जन सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसी क्रम में जन सुनवाई के अंतिम दिन शुक्रवार को जनपद उधम सिंह नगर के जिला सभागार में श्महिला जनसुनवाईश् कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कण्डवाल द्वारा की गई तथा उनके साथ आयोग की सदस्य श्रीमती कंचन कश्यप की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।

जनसुनवाई के दौरान जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा और सामाजिक योजनाओं से जुड़ी अपनी समस्याएं आयोग के समक्ष रखीं, जिस पर माननीय अध्यक्ष ने मौके पर उपस्थित संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया और शासन द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कण्डवाल ने अपने संबोधन में कहा कि आयोग का लक्ष्य उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं तक पहुँचकर उन्हें न्याय दिलाना, उनकी पीड़ा को समझना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है तथा श्महिला आयोग आपके द्वारश् पहल इसी दिशा में एक सशक्त कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक महिला की समस्या को समझा और सुना जाएगा और हर संभव सहायता की जाएगी। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि धामी जी महिलाओं की समस्याओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं। सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं ताकि महिलाएं जागरूक होकर उनका लाभ उठाकर सशक्त हो सके।उन्होंने जोर देते हुए कहा कि महिला आयोग की प्राथमिकता सदैव घर जोड़ने की रही है और उन्होंने असंगठित क्षेत्र की महिलाओं को अपनी शिकायतों और समस्याओं के समाधान हेतु जागरूकता शिविर लगाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।

महिला जनसुनवाई के दौरान अध्यक्ष ने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि महिला आयोग के निर्देशों को कोई भी विभाग हल्के में न ले। उन्होंने पुलिस विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया कि यदि कोई महिला अपनी समस्या या शिकायत लेकर आए तो उन्हें मायूस होकर न जाना पड़े, उन्हें संतुष्ट करके भेजें तथा उनकी समस्या को धैर्य से सुनते हुए उनके साथ मधुर व्यवहार बनाए रखें। उन्होंने कहा महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण शासन-प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

जनसुनवाई के दौरान 12 फरियादियों ने अपनी समस्याओं को आयोग के सम्मुख रखा, जिनमें से कई संवेदनशील मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि गंभीर प्रकरणों को आगामी कार्यवाही हेतु आयोग मुख्यालय देहरादून प्रेषित किया गया। इस दौरान जनसुनवाई में कई अन्य गंभीर प्रकरण भी सामने आए, जिनमें कुछ महिलाओं द्वारा पति पत्नी, संपत्ति विवाद, घरेलू हिंसा के संबंध में अपनी शिकायत दर्ज कराई गई, जिस पर अध्यक्ष ने उक्त महिलाओं की वन स्टॉप सेंटर में काउंसलिंग कराने तथा पुलिस क्षेत्राधिकारी को इस संबंध में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए, इसके अतिरिक्त आयोग द्वारा 01 पीड़िता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निशुल्क अधिवक्ता भी उपलब्ध कराने को कहा गया।

इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई दौरान सदस्य राज्य महिला आयोग कंचन कश्यप, महापौर रूद्रपुर विकास शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास मुकुल चौधरी, प्रोवेशन अधिकारी व्योमा जैन, सीओ प्रशान्त कुमार, डी आर वर्मा,अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एस पी सिंह, पर्यटन, श्रम प्रवर्तन एवं अन्य संबंधित विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारीगण ,जनप्रतिनिधि सहित महिलाएं भी उपस्थित रहे।

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