महिला आरक्षण बिल को लेकर देश भर में बच्चे घमासान के बीच अब उत्तराखंड सरकार एक और बड़ा संदेश

महिला आरक्षण बिल को लेकर देश भर में बच्चे घमासान के बीच अब उत्तराखंड सरकार एक और बड़ा संदेश

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उत्तराखण्ड
30 अप्रैल 2026
महिला आरक्षण बिल को लेकर देश भर में बच्चे घमासान के बीच अब उत्तराखंड सरकार एक और बड़ा संदेश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक शुरू हो गई है. ये बैठक कई महीने में बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि अप्रैल महीने में पहली मंत्रिमंडल की बैठक होने जा रही है. जबकि धामी मंत्रिमंडल का विस्तार होने के बाद ये दूसरी मंत्रिमंडल की बैठक होने जा रही है. देश भर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर मचे घमासान के बीच उत्तराखंड सरकार कैबिनेट बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण निर्णय महिला नीति लागू करने पर ले सकती है.

16 अप्रैल को लोकसभा में बुलाए गए विशेष सत्र के दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन बिल पारित नहीं हो पाया. क्योंकि इसके लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी. इसके बाद से ही भाजपा और केंद्र सरकार, कांग्रेस समेत कांग्रेस समर्थित पार्टियों का लगातार विरोध कर रही है. यही नहीं, भाजपा शासित राज्यों में भी कांग्रेस और उनके समर्थियों के खिलाफ लगातार प्रदर्शन और निंदा प्रस्ताव बुलाया जा रहा है. इसी क्रम में उत्तराखंड राज्य में 28 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाकर धामी सरकार ने विपक्षियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया. उत्तर प्रदेश में आज यानी 30 अप्रैल को विशेष सत्र आहूत होने जा रहा है. जहां निंदा प्रस्ताव पारित किया जाएगा.

महिला आरक्षण बिल को लेकर देश भर में बच्चे घमासान के बीच अब उत्तराखंड सरकार एक और बड़ा संदेश देने की तैयारी में है. खास बात यह है कि महिलाओं को और अधिक सशक्त और मजबूत किए जाने को लेकर उत्तराखंड सरकार ने महिला नीति का प्रस्ताव तैयार किया है. संभावना जताई जा रही है कि चल रही धामी मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान महिला नीति के प्रस्ताव पर लगा सकती है. इसके अलावा परिवहन निगम की ओर से करीब 200 बसों को खरीदने का प्रस्ताव भी मंत्रिमंडल से पारित हो सकता है. दरअसल वर्तमान समय में चार धाम की यात्रा चल रही है और साल 2027 में अर्द्धकुंभ भी होना है इसके दृष्टिगत परिवहन निगम को करीब 700 से अधिक नई बसों की डिमांड है.

इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग से संबंधित तमाम महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी मुहर लगने की संभावना है. यही नहीं, शिक्षा, ऊर्जा, लोक निर्माण विभाग समेत तमाम विभागों के महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है. वर्तमान वित्तीय वर्ष में होने जा रही धामी मंत्रिमंडल की इस पहली बैठक के दौरान विधानसभा विशेष सत्र में पारित किए गए निंदा प्रस्ताव को राज्यपाल के जरिए राष्ट्रपति को भेजने संबंधित प्रस्ताव पर भी सहमति बनेगी

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