साइबर ठगों ने बैंक का अधिकारी बनकर एक वृद्ध व्यक्ति से 29 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी

साइबर ठगों ने बैंक का अधिकारी बनकर एक वृद्ध व्यक्ति से 29 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी

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उत्तराखण्ड
11 जून 2026
साइबर ठगों ने बैंक का अधिकारी बनकर एक वृद्ध व्यक्ति से 29 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी
रुद्रपुर। काशीपुर में साइबर ठगों ने बैंक का अधिकारी बनकर एक वृद्ध व्यक्ति को अपना शिकार बना लिया. ठगों ने व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी बैंक एप भेजकर बैंक खाते की जानकारी हासिल की और दो दिनों के भीतर नौ ट्रांजेक्शनों के जरिए 29 लाख रुपये से अधिक की रकम निकाल ली. पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर निवासी एक वृद्ध व्यक्ति के साथ 29 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी हो गई. साइबर अपराधियों ने स्वयं को बैंक का अधिकारी बताकर पीड़ित के मोबाइल पर एक फर्जी एप्लीकेशन भेजी और उसके माध्यम से बैंक खाते की गोपनीय जानकारी हासिल कर ली. इसके बाद आरोपियों ने दो दिनों के भीतर खाते से कुल 29,00,022 रुपये निकाल लिए.

जानकारी के अनुसार गढ़वाल सभा, जसपुर खुर्द, काशीपुर निवासी सुधेश कुमार का एक बैंक शाखा में संयुक्त खाता है. छह जून को शाम करीब साढ़े चार बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया. कॉल करने वाले ने खुद को बैंक का अधिकारी बताते हुए कहा कि खाते की बैंकिंग सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए ई-बैंकिंग एप का उपयोग करना आवश्यक है. इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सएप के माध्यम से एक फाइल भेजी और उसे डाउनलोड कर ऑनलाइन फॉर्म भरने को कहा. सुधेश कुमार ने फाइल खोलकर मांगी गई जानकारी भर दी, लेकिन एप ठीक प्रकार से कार्य नहीं कर रहा था.

उन्हें संदेह होने पर उन्होंने एप को बंद कर दिया. अगले दिन जब उन्होंने अपने मोबाइल में बैंक संबंधी संदेश देखे तो पता चला कि छह और सात जून को उनके खाते से नौ अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए गए हैं. इन ट्रांजेक्शनों के जरिए कुल 29,00,022 रुपये निकाल लिए गए. घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई व बैंक को सूचना देकर अपना खाता सीज करा दिया.

साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं परिक्षेत्र रुद्रपुर में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. साइबर इंस्पेक्टर धीरेंद्र पंत ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. साथ ही धनराशि की रिकवरी और आरोपियों की पहचान के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है

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