राजधानी देहरादून में लोक संवर्धन पर्व का आगाज

राजधानी देहरादून में लोक संवर्धन पर्व का आगाज

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उत्तराखण्ड
12 जुलाई 2026
राजधानी देहरादून में लोक संवर्धन पर्व का आगाज
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लोक संवर्धन पर्व का आगाज हो गया है. 15 जुलाई तक चलते वाले इस पर्व का सीएम पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण भी किया. इस महोत्सव में देश के तमाम राज्यों से आए शिल्पकार, हस्तशिल्पी, लोक कलाकार, उद्यमी एवं पाक कला विशेषज्ञ अपनी पारंपरिक कला, शिल्प और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं. महोत्सव में 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के तमाम हिस्सों से आए आए शिल्पकार, हस्तशिल्पी, लोक कलाकारो को संबोधित किया. सीएम धामी ने कहा उत्तराखंड के लिए ये गौरव का विषय है कि लोक संवर्धन पर्व के आयोजन में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ साझेदारी करने वाला, उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है. उन्होंने कहा यह उपलब्धि केवल प्रशासनिक समन्वय का परिणाम नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड, राष्ट्रीय विकास और जनकल्याणकारी पहलों को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए काम कर रहा है. उन्होंने इस आयोजन के लिए केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयासों की सराहना की.

देहरादून में लोक संवर्धन शुरू (म्ज्ट ठींतंज)
सीएम ने कहा भारत की विविध भाषाएं, लोक परंपराएं, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं. ऐसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनते हैं, बल्कि कारीगरों, शिल्पकारों और लोक कलाकारों को नए बाजार, नए अवसर और नई पहचान भी प्रदान करते हैं. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव उत्तराखंड सहित पूरे देश के शिल्पकारों और युवा उद्यमियों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी मंच सिद्ध होगा. राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक समाज के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की हैं.

इसके साथ ही छात्रवृत्ति, मेधावी बालिका प्रोत्साहन, कौशल विकास, स्वरोजगार, शिक्षा ऋण, मुख्यमंत्री हुनर योजना और अल्पसंख्यक क्षेत्रों के विकास जैसी पहलें समाज के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. साथ ही मदरसों में आधुनिक तकनीक और आईटी आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. सीएम ने प्रदेशवासियों और देवभूमि आने वाले पर्यटकों से लोक संवर्धन पर्व में अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीद के जरिए शिल्पकारों और कारीगरों का उत्साहवर्धन करने का आह्वान किया.

वहीं, केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा लोक संवर्धन पर्व केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कौशल और कारीगरों के सम्मान का राष्ट्रीय उत्सव है. उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार पारंपरिक शिल्प, हस्तकला, लोक संस्कृति और अल्पसंख्यक समुदायों के कारीगरों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) योजना के तहत आयोजित यह महोत्सव शिल्पकारों को विपणन, ब्रांडिंग और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है. उन्होंने उत्तराखंड सरकार के सहयोग की सराहना की. उन्होंने कहा उत्तराखंड इस आयोजन में साझेदारी करने वाला देश का पहला राज्य बना है, जो राज्य की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता और विकासोन्मुखी सोच का परिचायक है

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