उत्तराखण्ड
1 सितम्बर 2026
उत्तराखंड के इस विभाग में सिर्फ कागजों पर हुए तबादले!
देहरादून। कहने को तो उत्तराखंड वन विभाग में इस बार बंपर तबादले हुए, लेकिन हकीकत में ये स्थानांतरण केवल कागजी ही रह गए. यानी तमाम तबादलों में स्थानांतरण के लिए आदेश तो हुआ, पर ये आदेश लागू नहीं हो पाए. खास बात यह है कि ऐसे एक या दो मामले नहीं हैं, बल्कि दर्जनों मामले हैं, जहां कर्मचारियों ने नई तैनाती ही नहीं ली.
उत्तराखंड में इस बार वन विभाग के भीतर तबादला सूची काफी लंबी रही. मकसद था कि वन विभाग में तैनात कर्मचारियों को उनकी सहूलियत के हिसाब से तैनाती दी जाए, ताकि वह विभाग में मन लगाकर काम कर सकें. इसमें ऐसे कर्मचारी भी थे, जो पिछले लंबे समय से स्थानांतरण की डिमांड कर रहे थे.
जंबो ट्रांसफर लिस्ट का नहीं हुआ असररू खास बात यह है कि काफी वक्त लगाने के बाद हुए होमवर्क के आधार पर जंबो ट्रांसफर लिस्ट जारी भी हो गई. लेकिन अब करीब एक महीना होने को है और अब तक इन आदेशों का कई जगह पालन नहीं हो पा रहा है.
वन मुख्यालय ने अफसरों को लिखी चिट्ठीरू अहम बात यह है कि वन विभाग के अधिकारी भी इस बात को मान रहे हैं और उन्हें भी नई तैनाती न लिए जाने से जुड़ी रिपोर्ट मिल रही है. शायद यही कारण है कि वन मुख्यालय ने बाकायदा ऐसे तमाम अधिकारियों को चिट्ठी लिखी है, जिनके यहां स्थानांतरण आदेश का पालन नहीं हुआ है. इस पत्र में यह साफ किया गया है की तबादला आदेश का पालन जल्द से जल्द करवाया जाए और जिन कर्मचारियों का नई तबादला सूची में नाम है, उन्हें नई तैनाती पर भेजा जाए.
चौंकाने वाली बात यह है कि इस पत्र को लिखे हुए भी कई दिन हो चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद इस पर भी अमल नहीं हो पाया है. यानी अब बात केवल स्थानांतरण सूची की ही नहीं है, बल्कि आदेशों का पालन करने वाले पत्र की भी है, जिसका संज्ञान अधिकारी नहीं ले रहे हैं.
सीसीएफ एचआरडी का बयानरू इस मामले पर ईटीवी भारत ने वन मुख्यालय में तैनात सीसीएफ मानव संसाधन पीके पात्रों से बात की तो उन्होंने कहा कि अभी भी तबादला सूची में तैनात कर्मचारियों ने नई पोस्टिंग नहीं ली है. इसीलिए हमने विभिन्न डिवीजन को पत्र लिखकर इन आदेशों का पालन करने के लिए कहा है. जिन अधिकारियों द्वारा स्थानांतरण सूची के तहत दिए गए आदेश का पालन नहीं करवाया जाएगा, उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी.
दरअसल स्थानांतरण सूची का पालन नहीं होने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं. इसमें एक करण स्थानांतरित होने वाले कर्मचारियों के बदले दूसरे कर्मचारियों का संबंध पोस्टिंग पर नहीं आना भी बताया गया है. इसके अलावा कई अधिकारी अपने कर्मचारियों को रिलीव ही नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण संबंधित कर्मचारी स्थानांतरण सूची के अनुसार नई तैनाती नहीं ले पा रहे.
