बच्चों में स्मार्टफोन की जरूरत से ज्यादा लत, अभिभावकों के समक्ष बड़ी चुनौती

बच्चों में स्मार्टफोन की जरूरत से ज्यादा लत, अभिभावकों के समक्ष बड़ी चुनौती

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उत्तर प्रदेश
5 अप्रैल 202़
बच्चों में स्मार्टफोन की जरूरत से ज्यादा लत, अभिभावकों के समक्ष बड़ी चुनौती
काशीपुर। स्मार्टफोन की जरूरत से ज्यादा लत बच्चों का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य खराब कर रही है। छह से दस घंटे तक पहुंच रहा स्क्रीन टाइम नेत्र विकार भी पैदा कर रहा है। फिलहाल, स्मार्टफोन छीनने पर किशोरों का हिंसक होना अभिभावकों के समक्ष बड़ी चुनौती बनकर उभर रहा है। ऐसे मामले अब पुलिस तक भी पहुंचने लगे हैं, जिनमें अभिभावक कानूनी दखल चाहते हैं।

इन मामलों के जानकार कई विशेषज्ञों ने बताया कि कई अभिभावकों को पता भी नहीं चलता कि उनके लाडले ने उनके मोबाइल पर कई एक्सेस देकर मामूली लोन ले लिया है। जब साइबर ठगों की ओर से उन्हें रुपये देने के लिए धमकाया जाता है या उनके निजी फोटो-वीडियो वायरल किए जाते हैं तो साइबर टीम की जांच में बच्चों का कारनामा सामने आता है। कई बच्चे गेम की खातिर परिचितों से भी कर्ज ले लेते हैं। इसलिए बच्चों को फोन देने के साथ ही उनकी डिजिटल निगरानी जरूर करें। हिंसक वीडियो देखने और गेम खेलने पर जरूर टोकें।

ये बरतें सावधानी
. बाहरी खेलों को बढ़ावा दें।
. बच्चों के सामने खुद भी फोन का इस्तेमाल कम करें।
. बच्चों को पेंटिंगए संगीत व अन्य रचनात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखें।
. स्मार्टफोन की लत धीरे.धीरे छुड़ाएं, बच्चों को अखबार व किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित करें।
. बच्चों के मामले में स्क्रीन टाइम 40 मिनट तक सीमित करें।

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