जन सेवा केंद्रों की कार्यप्रणाली पर सख्ती, चार केन्द्र सील

जन सेवा केंद्रों की कार्यप्रणाली पर सख्ती, चार केन्द्र सील

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उत्तराखण्ड
18 सितम्बर 2026
जन सेवा केंद्रों की कार्यप्रणाली पर सख्ती, चार केन्द्र सील
देहरादून। जन सेवा केंद्रों की कार्यप्रणाली को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है. आम लोगों को सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने वाले इन केंद्रों पर नियमों के पालन और व्यवस्थाओं की जांच के लिए प्रशासन की टीम ने औचक निरीक्षण किया. इस दौरान कई केंद्रों पर कमियां और अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन ने मौके पर ही कार्रवाई की. जांच के दौरान चार जन सेवा केंद्रों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया, जबकि कुछ केंद्रों से कंप्यूटर और लैपटॉप भी प्रशासन ने अपनी अभिरक्षा में लिए हैं.

यह कार्रवाई जिलाधिकारी आशीष चौहान के निर्देश पर की गई. उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित जन सेवा केंद्रों का अचानक निरीक्षण किया. टीम ने केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं, कामकाज के तरीके और निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच की. प्रशासन की इस कार्रवाई से जन सेवा केंद्र संचालकों में भी हड़कंप की स्थिति बनी हुई है.

चार केंद्रों पर सील की कार्रवाई- निरीक्षण के दौरान शादमान के जन सेवा केंद्र में अनियमितताएं मिलने पर इसे तत्काल सील कर दिया गया. इसके अलावा हनी रमन के केंद्र पर भी प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए केंद्र को सील कर दिया. करन वर्मा और प्राची कौशिक के जन सेवा केंद्रों में भी जांच के दौरान कमियां सामने आईं, जिसके बाद दोनों केंद्रों को बंद कर सील कर दिया गया.

इस तरह जांच के दौरान कुल चार जन सेवा केंद्रों के खिलाफ सीधे तौर पर सील की कार्रवाई की गई. प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई का आधार निरीक्षण में सामने आई अनियमितताएं और निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जाना बताया गया है.

जिला प्रशासन की कार्रवाई केवल केंद्रों को सील करने तक सीमित नहीं रही. कुछ केंद्रों में इस्तेमाल किए जा रहे कंप्यूटर और लैपटॉप को भी प्रशासन ने अपनी अभिरक्षा में लिया है. तहसीलदार सदर की ओर से शादमान, पूनम खन्ना और करन वर्मा के केंद्रों से ब्च्न् अभिरक्षा में लिए गए. वहीं पारुल बंसल और प्राची कौशिक के केंद्रों से लैपटॉप भी प्रशासन ने कब्जे में लिए हैं. प्रशासन की ओर से इन उपकरणों को अभिरक्षा में लेने के पीछे निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों से जुड़ी जांच को अहम माना जा रहा है. हालांकि, कार्रवाई के बाद संबंधित केंद्र संचालकों के खिलाफ आगे की प्रक्रिया नियमों के तहत तय की जाएगी.

निरीक्षण के दौरान पवन फर्स्वाण के जन सेवा केंद्र में भी कमियां सामने आईं. इसके बाद प्रशासन ने केंद्र की ब्ैब् प्क् निरस्त करने की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेज दी है. वहीं पूनम खन्ना के केंद्र में मिली कमियों को लेकर उन्हें कड़ी चेतावनी जारी की गई है. पारुल बंसल के जन सेवा केंद्र पर भी अनियमितता पाए जाने के बाद उनका लैपटॉप प्रशासन ने अभिरक्षा में लिया है. यानी निरीक्षण के दौरान प्रशासन ने केंद्रों में मिली कमियों के आधार पर अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की है.

जन सेवा केंद्रों के जरिए लोगों को कई सरकारी सेवाओं और सुविधाओं तक पहुंच उपलब्ध कराई जाती है. ऐसे में इन केंद्रों के संचालन में नियमों और निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है. जिला प्रशासन ने साफ किया है कि आम जनता को दी जाने वाली सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही, अनियमितता या अवैध वसूली को स्वीकार नहीं किया जाएगा.

जन सेवा केंद्रों की जांच का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा. अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. इस कार्रवाई के बाद अब उन जन सेवा केंद्र संचालकों पर भी नजर रहेगी, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप काम नहीं कर रहे हैं.

  • अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी –

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