नवरात्रों के दौरान कुट्टू और सिंघाड़े के आटे खाकर जान गई तो अधिकारियों पर गिरेगी गाज

नवरात्रों के दौरान कुट्टू और सिंघाड़े के आटे खाकर जान गई तो अधिकारियों पर गिरेगी गाज

Spread the love

उत्तराखण्ड
13 अक्टूबर 2026
नवरात्रों के दौरान कुट्टू और सिंघाड़े के आटे खाकर जान गई तो अधिकारियों पर गिरेगी गाज
देहरादून। हर साल नवरात्रों के दौरान व्रत रखने वाले व्रती कुट्टू के आटे का सेवन करते हैं. यही वजह है कि हर त्योहारी सीजन के दौरान कुट्टू के आटे में मिलावटी के मामले भी सामने आते हैं. पिछले साल मार्च महीने में नवरात्रों के दौरान कुट्टू के आटे के इस्तेमाल से तमाम लोगों के बीमार होने का मामला सामने आया था.

इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से तमाम सख्त निर्णय लिए गए थे. जिसमें पैकेट बंद कुट्टू का आटा बेचने पर जोर दिया गया था. साथ ही खुला कुट्टू का आटा बेचने पर रोक लगा दी गई थी. वर्तमान नवरात्रि को देखते हुए एफडीए यानी खाद्य एवं औषधि प्रशासन अलर्ट हो रहा है. साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि अगर जनहानि हुई तो अधिकारियों पर कार्रवाई होगी.

दरअसल, 11 अक्टूबर से नवरात्रि के पर्व की शुरुआत हो गई है. इसके बाद से ही जहां एक ओर मंदिरों में माता की आराधना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी दिखाई दे रही है, तो वहीं दूसरी ओर बाजारों में खरीदारी को लेकर भी लोग बाजारों में उमड़े हुए हैं. नवरात्रि पर व्रत रखने वाले व्रती फलों के साथ ही कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा ज्यादातर इस्तेमाल करते हैं.

यही वजह है कि त्योहारी सीजन में मिलावट खोरी भी काफी ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं. जिसका असर इसी साल 2025 में सबसे ज्यादा देखने को मिला. क्योंकि, साल 2025 के मार्च महीने में आए नवरात्रों के समय में कुट्टू का आटा खाने वाले तमाम लोग बीमार हो गए थे. इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से तमाम दुकानों और प्रतिष्ठानों में छापेमारी की कार्रवाई की गई थी, उस दौरान बड़ी संख्या में कुट्टू का आटा नष्ट किया गया था.

इसके अलावा खाद्य सुरक्षा विभाग में इस बाबत भी निर्णय लिया था कि अब खुला कुट्टू का आटा नहीं बेचा जाएगा. बल्कि, पैकेट बंद आटे की बिक्री ही दुकानों पर की जाएगी. जिसका असर बाजारों में देखने को मिल रहा है. वर्तमान समय में बाजारों में कुट्टू का आटा सील पैक बाजारों में बेचा जा रहा है, लेकिन इसी साल 2025 में तमाम दुकानदारों पर हुई कार्रवाई के बाद बेहद कम दुकानों पर ही कुट्टू का आटा बेचा जा रहा है.

कुछ दुकानदार ऐसे भी हैं, जो साबूत कुट्टू भी बेच रहे हैं. ताकि, ग्राहक खुद उसको पिसवा कर इस्तेमाल कर सकें. पिछले साल तक दुकानों पर कुट्टू का आटा 160 रुपए किलो तक मिल रहा था, जो वर्तमान समय में 180 रुपए किलो बिक रहा है. ईटीवी भारत से बातचीत करते हुए दुकानदार राजेश अग्रवाल ने कहा कि,

बाजार से पैकेट बंद ही कुट्टू का आटा बिक रहा है. जिसके चलते आटे के दामों में बढ़ोतरी भी हुई है, लेकिन लोग आटे को खरीद रहे हैं. कुछ दुकानदारों का कहना है कि पैकेट बंद आटा होने की वजह से वो खुद भी टेंशन फ्री हो गए हैं. क्योंकि, पिछले जब कुट्टू का आटा खाने से बीमार होने का मामला सामने आया था, उस दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से भी तमाम छापेमारी की कार्रवाई की गई थी, जिसके चलते उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा था.- राजेश अग्रवाल, दुकानदार

वहीं, ज्यादा जानकारी देते हुए एफडीए के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि खाद्य पदार्थों को लेकर भारत सरकार से भी गाइडलाइन प्राप्त हुई है, उसी क्रम में प्रदेश में गाइडलाइन जारी की गई है. जिसमें ये कहा गया कि कुट्टू आटा के साथ ही व्रत में खाने वाली चीजें खुले में न बेची जाए, बल्कि पैकेट बंद होना चाहिए. उस पैकेट में लाइसेंस नंबर के साथ ही एक्सपायरी डेट और बैच नंबर लिखा होना चाहिए.- ताजबर सिंह जग्गी, अपर आयुक्त, एफडीए

बिना लाइसेंस वाले अगर सामान बेचेंगे, तो उनके ऊपर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए है. अगर कोई भी लापरवाही होती है तो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.- ताजबर सिंह जग्गी, अपर आयुक्त, एफडीए

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *