’सलाखों के पीछे हुनर के नए द्वार - जिला कारागार में 21 दिवसीय उद्यमिता विकास एवं सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ’

’सलाखों के पीछे हुनर के नए द्वार – जिला कारागार में 21 दिवसीय उद्यमिता विकास एवं सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ’

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उत्तराखण्ड
17 अक्टूबर 2026
’सलाखों के पीछे हुनर के नए द्वार – जिला कारागार में 21 दिवसीय उद्यमिता विकास एवं सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ’
पिथौरागढ़। किसी भी समाज की संवेदनशीलता का वास्तविक परिचय इस बात से मिलता है कि वह अपने वंचित, उपेक्षित और कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे लोगों के भविष्य के लिए कितनी आशा संजोता है। इसी मानवीय दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में आज दिनांक 16 अक्टूबर 2025 को सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के जिला कारागार में उद्योग निदेशालय (उतराखंड शासन) के तत्वाधान में एवं जिला उद्योग केंद्र, पिथौरागढ के प्रायोजन में “उपलब्धि” सामाजिक एवं स्वैच्छिक समिति के द्वारा उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 21(इक्कीस) दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनाँक 16 अक्टूबर 2026 से 05 नवंबर 2026 तक निरंतर संचालित किया जायेगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि महोदया श्रीमती मंजू देवी (माननीय सिविल जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), जिला न्यायालय, पिथौरागढ़ के कर कमलों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में श्रीमती कविता भगत, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र पिथौरागढ, अनुभव त्रिपाठी, अधीक्षक (कारागार) , जिला कारागार पिथौरागढ, विजय भंडारी, डिप्टी जेलर,जिला कारागार पिथौरागढ, भगवती प्रसाद अवस्थी, सहायक प्रबंधक , विकास खंड – विण, नरेंद्र उपाध्याय, अध्यक्ष, उपलब्धि” सामाजिक एवं स्वैच्छिक समिति, अरविंद सिंह ज्याला, सचिव, उपलब्धि” सामाजिक एवं स्वैच्छिक समिति, सिलाई प्रशिक्षक मुहम्मद सुल्तान खान एवं संस्था के अन्य सदस्य एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला कारागार के बंदि प्रतिभाग कर रहे हैं। संस्था ने इन बंदियों को इन योजनाओं से जोड़कर स्वावलंबन की दिशा में प्रेरित करने का प्रयास किया है।
कार्यक्रम के आरंभ में संस्था के अध्यक्ष नरेंद्र उपाध्याय, ” उपलब्धि ” सामाजिक एवं स्वैच्छिक समिति द्वारा सभी अतिथियों का परिचय दिया गया एवं सभी का स्वागत एवं अभिनन्दन किया गया। तदोपरांत अरविंद सिंह ज्याला, सचिव, “उपलब्धि” सामाजिक एवं स्वैच्छिक समिति के द्वारा अतिथियों को बैज लगाकर एवं अंगवस्त्र भेंट कर सभी का स्वागत किया गया।
अध्यक्ष नरेंद्र उपाध्याय ने अपने संबोधन में बताया कि कारागार की चारदीवारी के भीतर आरंभ हुई यह पहल इस विचार को अभिव्यक्त करती है कि सुधार और पुनर्वास की प्रक्रिया में कौशल विकास की महत्त्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। सिलाई जैसे व्यावहारिक कौशल के माध्यम से प्रतिभागियों को न केवल एक उपयोगी हुनर सीखने का अवसर मिलेगा, बल्कि वे श्रम की गरिमा, रचनात्मकता और स्वरोजगार की संभावनाओं से भी परिचित हो सकेंगे।
प्रशिक्षण सत्र में श्रीमती कविता भगत, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, पिथौरागढ, ने प्रतिभागियों को उद्यमिता विकास प्रशिक्षण एवं जागरूकता पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि जीवन के दूसरे पड़ाव को बेहतर बनाने के लिए और अपना जीवन यापन करने के लिए स्वरोजगार की दिशा में किया गया यह प्रयास आप सभी के जीवन के लिए सार्थक होगा।उनके द्वारा प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागी बंदियों के द्वारा पूछे प्रश्नों का एवं उनकी शंकाओं का समाधान किया गया।
अनुभव त्रिपाठी, अधीक्षक (कारागार) , जिला कारागार पिथौरागढ ने अपने वक्तब्य में सर्वप्रथम सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया एवं “उपलब्धि” सामाजिक एवं स्वैच्छिक समिति, के अध्यक्ष नरेंद्र उपाध्याय का विशेष आभार ब्यक्त किया कि उनकी संस्था के द्वारा एक अच्छी पहल की गयी। उन्होंने बंदि प्रतिभागियों की नियमित दिनचर्या और उनके द्वारा पूर्व में बनाये गए कौशल विकास के उत्पादों के बारे में बताया। अपने संबोधन में श्री त्रिपाठी ने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान उच्च दर्जे के अनुशासन को बनाये रखने के लिए प्रेरित किया।
संस्था के सचिव अरविंद सिंह ज्याला ने संस्था के इतिहास के बारे में विस्तार से जानकारी दी और संस्था के द्वारा विगत वर्षों में उद्यमिता विकास प्रशिक्षण के क्षेत्र में किये कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने संबोधन में सभी प्रतिभागियों को बताया कि कौशल से आत्मनिर्भरता, आत्मनिर्भरता से सम्मान और सम्मान से समाज की मुख्यधारा में वापसी करने का संकल्प लें। यह पहल केवल सिलाई सिखाने का एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि कौशल, आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक पुनर्स्थापन की संभावनाओं को सशक्त बनाने का एक सार्थक प्रयास है। इसका मूल भाव इस विश्वास में निहित है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
अंत में सभी प्रशिक्षणार्थियों को सिलाई प्रशिक्षण के लिए सहायक सामग्री वितरित की गयी एवं सिलाई प्रशिक्षक मुहम्मद सुल्तान खान के द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को मशीन के बारे में जानकारी दी गयी और उद्घाटन समारोह का विधिवत समापन किया गया।

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