गर्जिया देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की एंट्री बंद

गर्जिया देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की एंट्री बंद

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उत्तराखण्ड
3 सितम्बर 2026
गर्जिया देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की एंट्री बंद
रामनगर। पहाड़ों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब मैदानी क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है. रामनगर के प्रसिद्ध गिरिजा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने और बाढ़ का पानी मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंचने के बाद मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया है.

बताया जा रहा है कि पिछले दो दिनों से पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है. जिसके चलते कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. बुधवार को स्थिति उस समय और गंभीर हो गई, जब कोसी नदी का पानी गर्जिया मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंच गया. जिस ओर मंदिर की सीढ़ियां बनी हुई हैं, वहां से अब नदी का पानी बह रहा है. ऐसे में मंदिर तक पहुंचने वाला रास्ता भी प्रभावित हुआ है.

मंदिर के मुख्य पुजारी मनोज पांडे ने बताया कि पहाड़ों में रात से लगातार बारिश हो रही थी और इसका असर सुबह से ही कोसी नदी के जलस्तर पर दिखाई देने लगा. उन्होंने बताया पानी पहले से बढ़ रहा था, लेकिन मंगलवार सुबह करीब 10 बजे के बाद जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई. शाम करीब पांच बजे तक स्थिति काफी गंभीर हो गई. नदी का पानी मंदिर की ओर पहुंचने लगा. इसके बाद मंदिर को जाने वाला रास्ता भी बंद हो गया.

पुजारी के अनुसार,श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए बुधवार सुबह से मंदिर को पूरी तरह बंद कर दिया गया है. मौसम साफ होने और कोसी नदी का जलस्तर सामान्य होने के बाद ही मंदिर को दोबारा श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा. उन्होंने बताया कि परिस्थितियां सामान्य होने में कम से कम दो से तीन दिन का समय लग सकता है

वहीं मौके पर पहुंचे भाजपा नेता मदन जोशी ने कहा मुख्यमंत्री की ओर से कार्यकर्ताओं को भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं. इसी के तहत वह गर्जिया मंदिर पहुंचे. मौके की स्थिति का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा चुकुम, सुंदरखाल, देवीचौड़ और गर्जिया समेत कोसी नदी के आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ा हुआ है. जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है.

उन्होंने बताया प्रशासन की ओर से कंट्रोल रूम के नंबर जारी किए गए हैं. प्रभावित क्षेत्रों में पहले से ही तैयारियां की गई हैं. चुकुम सहित संवेदनशील क्षेत्रों में दवाइयां और करीब तीन महीने का राशन पहले ही भेजा जा चुका है.

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