उत्तराखण्ड
3 सितम्बर 2026
बाजपुर में मदरसा जामिया हनफिया रज़ाउल उलूम सहित पांच मदरसे सील
रुद्रपुर। बाजपुर में मदरसा जामिया हनफिया रज़ाउल उलूम को प्रशासन ने सील कर दिया है. राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया. मदरसा संचालक इरशाद अली ने कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उनका दावा है कि मदरसे के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी थी. निर्धारित शुल्क भी जमा किया गया था. संचालक के मुताबिक, उन्होंने अधिकारियों को आवेदन से संबंधित दस्तावेज और शुल्क जमा करने की रसीद भी दिखाई, लेकिन इसके बावजूद मदरसे को सील कर दिया गया. अब संचालक कार्रवाई का आधार और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के बावजूद सीलिंग किए जाने की वजह जानना चाहते हैं.
जानकारी के मुताबिक, प्रशासनिक टीम मदरसा जामिया हनफिया रज़ाउल उलूम पहुंची और अधिकारियों की मौजूदगी में मदरसे को सील कर दिया गया. अचानक हुई इस कार्रवाई से आसपास के क्षेत्र में भी हलचल पैदा हो गई. प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के बाद मदरसा संचालक ने इसका विरोध करते हुए सीलिंग की वजह और अपनाई गई प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए.
मदरसा संचालक इरशाद अली का दावा है कि मदरसों के रजिस्ट्रेशन को लेकर कुछ समय पहले रुद्रपुर में एक बैठक आयोजित की गई थी. उनके मुताबिक, बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष सुरजीत सिंह बरनाला और शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे. संचालक का कहना है कि बैठक में मदरसों को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिए जाने की जानकारी दी गई थी.
इसी आधार पर संचालक का दावा है कि उन्होंने अपने मदरसे के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा किया गया. उनका कहना है कि रजिस्ट्रेशन से संबंधित दस्तावेज और शुल्क जमा किए जाने की रसीद उनके पास मौजूद हैं. संचालक के मुताबिक, जब राजस्व विभाग और पुलिस की टीम मदरसे को सील करने पहुंची तो उन्होंने अधिकारियों के सामने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज और शुल्क जमा करने की रसीद प्रस्तुत की. उनका आरोप है कि दस्तावेज दिखाने के बावजूद अधिकारियों ने उन्हें स्वीकार नहीं किया. मदरसे को सील करने की कार्रवाई पूरी कर दी.
वहीं, प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब इस पूरे मामले में प्रशासन का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण हो गया है. एसडीएम बाजपुर ऋचा सिंह की ओर से मामले में प्रशासन की कार्रवाई और उसके आधार को लेकर जानकारी दी जानी है. दूसरी ओर, मदरसा संचालक इरशाद अली अपने दावे के समर्थन में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेज और शुल्क जमा करने की रसीद का हवाला दे रहे हैं.
फिलहाल मदरसा प्रशासनिक कार्रवाई के बाद सील है. ऐसे में पूरे मामले में मुख्य सवाल यही है कि यदि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चल रही थी तो सीलिंग की कार्रवाई किस आधार पर की गई? यदि मदरसे की ओर से किसी नियम का उल्लंघन पाया गया था तो उसकी आधिकारिक वजह क्या है? अब प्रशासन के आधिकारिक स्पष्टीकरण और संचालक द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
पांच मदरसे हुये सीलरू बता दें आज की कार्रवाई के तहत मदरसा गुलशन इस्लाम, कनोरा-बाजपुर, मदरसा जामिया हनकिया रजा उल उलूम, चकरपुर, मदरसा जामिया फातिमा जेहरा, जगन्नाथपुर-बाजपुर, मदरसा मोईनुल उलूम, मोहल्ला गांधीनगर, केलखेड़ा तथा मदरसा हुज्जतुल इस्लाम, गुमसानी रोड, बाजपुर को सील किया गया. प्रशासन की ओर से की गई यह कार्रवाई संबंधित संस्थानों के संचालन में आवश्यक मान्यता एवं निर्धारित नियमों और मानकों के अनुपालन से जुड़े मामलों की जांच के बाद की गई.
